पढ़ाई की उम्र में समय बर्बाद करने वाले लोग बाद में पछताते हैं.

कोई भी व्यक्ति हमारा प्रतिद्वन्द्वी नहीं होता है, हम खुद अपने प्रयासों के कारण आगे या पीछे रहते हैं.

पढ़ाई करना उबाऊ हो सकता है, लेकिन पढ़ाई करने से हीं हमारी जिंदगी बेहतर बनती है.

दोस्ती कम लोगों से कीजिए और दोस्ती केवल अच्छे लोगों से कीजिए. क्योंकि बुरे लोगों से दोस्ती करने वाले लोग इसकी महँगी कीमत चुकाते हैं.

छात्र जीवन में प्यार के चक्कर में पड़ने से बचना चाहिए क्योंकि किशोरावस्था का प्यार अक्सर आकर्षण मात्र होता है.

कभी भी किसी को गिरकर उससे आगे बढ़ने की कोशिश मत कीजिए, अगर आपको स्थाई जीत हाँसिल करनी है तो अपने दम पर सफलता पाने की कोशिश कीजिए.

किसी भी चीज को सीखना हमेशा कठिन होता है

Communication के इस दौर में आपके लिए यह जरूरी हो जाता है कि आप Gossip करके अपना समय बर्बाद न करें. आप अपना भविष्य खुद बना सकते हैं या बिगाड़ सकते हैं. किसी के अच्छे या बुरे भविष्य के लिए खुद उससे ज्यादा Responsible कोई और नहीं होता है.

पढ़ाई की उम्र में समय बर्बाद करने वाले लोग बाद में पछताते हैं

कभी भी किसी को गिरकर उससे आगे बढ़ने की कोशिश मत कीजिए, अगर आपको स्थाई जीत हाँसिल करनी है तो अपने दम पर सफलता पाने की कोशिश कीजिए. छात्र जीवन जिंदगी का सबसे सुनहरा दौर होता है, क्योंकि इस दौर में न किसी बात की चिंता होती है, न मन में कटुता होती है. इसलिए हर किसी को अपने छात्र जीवन का तुल्फ उठाना चाहिए.

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Friday, 8 September 2017

1885-1990 तक कांग्रेस अधिवेशन का स्थान के लिए ट्रिक

ट्रिक- बंकम इ बंक नाई लाम पुक अम लला

  बं- बम्बई   (1885)
  क- कलकत्ता (1886)
  म- मद्रास  (1887)
   इ- इलाहबाद(1889)
   बं-कलकत्ता (1890)
  ना-नागपुर (1891)
  इ-नागपुर(1891)
   ई- इलाहबाद (1892)
  ला- लाहौर (1893)
  म- मद्रास (1894)
  पु- पूना(1895)
   क- कलकत्ता(1896)
  अ- अमरावती(1897)
 म- मद्रास(1898)
ल- लखनऊ (1899)
ला- लाहौर(1900)